रविवार, 8 जून 2014

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फिल्म एक नजर में : हॉलिडे ( समीक्षा )

फिल्म एक नजर में : हॉलिडे .
कलाकार : अक्षय कुमार, सोनाक्षी सिन्हा, फ्रेडी दारूवाला,
सुमित राघवन, गोविंदा ( अतिथि भूमिका )

निर्माता : विपुल शाह,
निर्देशक : ए.आर.मुरुगादॉस




डायरेक्टर ए.आर. मुरुगादॉस ने ‘गजिनी ‘बॉलीवुड में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराकर एक प्रतिभाशाली निर्देशक होने का हिंट दे दिया था ,वही अब उनकी दूसरी फिल्म है ‘हॉलिडे ‘ जो के साउथ की उन्ही की फिल्म ‘थुपक्की ‘ का हिंदी रीमेक है ! आजकल यह चलन बहुत चला है साउथ की फिल्मो का रीमेक करना और फिल्मे बनाना ! किन्तु उनमे से कुछ ही फिल्मे अपना प्रभाव छोड़ पाने में सफल होती है !
अक्षय कुमार के फैन्स अक्षय को फिर एक्शन में वापसी करते देख खुश होंगे ! और वह भी टाईट स्क्रिप्ट के साथ जो आपको कही भी पलके झपकाने तक का अवसर नहीं देती .
कहानी पर आते है , हां शुरुवात भले ही टिपिकल मसाला फिल्मो की तरह हो और उबाऊ लगे किन्तु फिल्म शुरू होने के कुछ ही समय में फिल्म अपनी गति और मूल कहानी पर आ जाती है ,जो के इस फिल्म की यु एस पि कही जाएगी .
शुरुआती दस पंद्रह मिनट के बाद कहानी ऐसी रफ्तार पकड़ती है कि आप चाहकर भी हॉल से बाहर नहीं निकल पाएंगे।
कैप्टन ‘विराट बक्षी ‘( अक्षय कुमार ) जम्मू से छुट्टियों पर अपने घर आया है ,जहा उसके परिवार वाले उसकी शादी करवाने को आतुर है ! किन्तु विराट सीधी साधी लडकी के रूप में ‘साहिबा ‘ ( सोनाक्षी सिन्हा ) को रिजेक्ट कर देता है ,किन्तु कुछ घटनाओं के बाद उसका रवैय्या ‘साहिबा ‘ के लिए बदलता है ! लेकिन इस से पहले की प्यार की गाडी पटरी पकडती मुंबई में एक हादसा हो जाता है .
जिसके भुक्तभोगी बनते है विराट और उसका मित्र ‘मुकुंद ‘ ( सुमित राघवन ) ,मुंबई आतंकवादियों के निशाने पर है ! और इसी के तहत एक बस में विस्फोट होता है जिसके बाद विराट विस्फोट करवानेवाले आतंकवादी को पकड़कर पुलिस में सौंप देता है .
किन्तु टेररिस्ट हिरासात से भाग जाता है ,लेकिन वह फिर विराट के हत्थे चढ़ जाता है ! और विराट को सिस्टम के कुछ लोगो का इन आतंकवादियो से मिले होने का लिंक मिलता है ,जिसके बाद वह ख़ुफ़िया तौर पर उस आतंकवादी को अपने घर पर बंदी बनाता है और उस से उनका प्लान जानता है .
मुंबई में स्लीपर सेल एक्टिवेट है ,जो कई सालो से मुंबई में गुप्त रूप से एक भयानक वारदात को अनजाम देने हेतु तैनात है ! अब विराट के सामने समस्या है इन हमलो से निपटने की ,किन्तु इस भ्रष्ट सिस्टम पर उसे येन नहीं इसलिए वह अपने बैच के साथियो की मदद लेता है ! और उनकी मदद से स्लीपर सेल के बारह आतंकवादियों को वारदात के पहले ही मार गिराता है ! जिसके बाद विराट और उसके साथी फिर भूमिगत हो जाते है .
स्लीपर सेल का सरगना इस बात को सहन नहीं कर पाता और वह अपनी स्लीपर सेल के कातिलो की तलाश में मुंबई आता है ,और अपनी चालो के जरिये वह विराट के गिरहबान तक पहुंचता है ! जिसके बाद विराट उसके कब्जे में है और मुंबई पर फिर से आतंक के बादल मंडरा रहे है जिसका मोहरा ‘विराट ‘ बनने जा रहा है .
फिर क्या होता है ? क्या स्लीपर सेल अपने उद्देश में कामयाब होता है ?
फिल्म की कहानी इतनी जबरदस्त गति से आगे बढती है के दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाता है ! स्लीपर सेल को खत्म करने की प्लानिंग वाकई बहुत शानदार है और आप तारीफ किये बिना नहीं रह पायेंगे ! फिल्म में रोमांस तो है लेकिन वह बोर नहीं करता बल्कि फिल्म को हल्का फुल्का बनाये रखता है ,मेहमान कलाकार के तौर पर गोविंदा अच्छा मनोरंजन करते है ,जब भी गोविंदा और अक्षय की जुगलबंदी नजर आई है दर्शक हंसने पर मजबुर हो जाता है ,सोनाक्षी और अक्षय की जोड़ी भी एंटरतेन करती है .
काफी सामय बाद अक्षय की की कोई ऐसी फिल्म आई है जो दर्शको के जेहन में रहेगी ! गीत संगीत पक्ष औसत है ,कुछ दृश्य बेवजह है फिल्म की लम्बाई ही बढाते है किन्तु उन्हें आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है .
बहरहाल बढ़िया मनोरंजक फिल्म ,एक्शन और थ्रिलर के शौकिनो के साथ साथ यह फिल्म सभी दर्शक वर्गों को पसंद आने का माद्दा रखती है ,देख लीजिये .
चार स्टार ( एक्शन ,थ्रिलर ,स्क्रिप्ट के लिए )
देवेन पाण्डेय

2 टिप्‍पणियां:

  1. हमेशा की तरह बढ़िया रिव्यु दिया देवें जी!
    अक्षय को इसी तरह की मूवीज करनी चाहिए, जिसमे उसकी एक्टिग और स्टंट्स दोनों का तालमेल हो :)

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